राहत इंदौरी ने बचपन में देखी थी काफी गरीबी, बेघर होना पड़ा था परिवार को

फैमस शायर राहत इंदौरी का 11 अगस्त यानि आज निधन हो गया है। कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होने के बाद उन्हें बीती रात हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। जहां उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद से हर कोई सदमे में है। आज सुबह ही राहत साहब ने ट्विटर के जरिए कोरोन संक्रमित होने की खबर दी थी। वहीं इसी बीच आज हम आपको राहत साहब की जिंदगी से जुड़ी कुछ बातें बताने जा रहे हैं।
उनका बचपन काफी गरीबी में बीता
राहत साहब का जन्म 1 जनवरी 1950 को हुआ था। यह दिन रविवार का था। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक राहत साहब का जन्म 1369 हिजरी और तारीक 12 रबी उल अव्वल के दिन हुआ था। बचपन में उनका नाम कामिल था। जिसे बाद में बदलकर उन्होंने अपना नाम राहत उल्लाह कर लिया था। उनका बचपन काफी गरीबी में बीता।
परिवार को बेघर होना पड़ा था
साल 1942 में राहत के पिता रिफअत उल्लाह अपने परिवार के साथ सोनकछ से इंदौर आ गए थे। राहत साहब के पिता ने इंदौर आने के बाद ऑटो चलाया, मिल में काम किया। वहीं 1939 से 1944 विश्वयुद्ध के चलते देश के हालात भी काफी खराब थे। उन दिनों काफी मंदी का दौर चल रहा था। ऐसे में राहत के पिता की नौकरी भी चली गई थी। वहीं राहत साहब के परिवार के हालात इतने खराब हो गए थे कि उनके परिवार को बेघर होना पड़ा था। वहीं इस वाकये को राहत साहब में शेर में भी बयां किया है।
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राहत ने दो बार शादी की थी
वहीं आपको बता दें राहत की मां का नाम मकबूल उन निशा बेगम था। राहत ने दो बार शादी की थी। उनकी पत्नियों के नाम अंजुम रहबर है। उनके 4 बच्चे हैं। समीर राहत, फैसल राहत, सतलज राहत और शिब्ली राहत है।
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