प्रति एकड़ 4 हजार रुपये दे रही हरियाणा सरकार, किसानों को उगानी होंगी ये फसलें

प्रति एकड़ 4 हजार रुपये दे रही हरियाणा सरकार, किसानों को उगानी होंगी ये फसलें
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हरियाणा सरकार ( Haryana Government ) द्वारा फसल विविधीकरण के अंतर्गत दलहन व तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की गई है।

हरिभूमि न्यूज : चरखी दादरी

हरियाणा सरकार ( Haryana Government ) द्वारा फसल विविधीकरण के अंतर्गत दलहन व तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश में खरीफ 2022 के दौरान एक लाख एकड़ में दलहनी व तिलहनी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह जानकरी देते हुए कृषि विभाग के उप निदेशक डा. बलवंत सहारण ने बताया कि योजना के अंतर्गत दलहनी फसलें मूंग व अरहर को 70,000 एकड़ क्षेत्र में तथा तिलहनी फसल अरंड व मूंगफली को 30 हजार एकड़ में बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दलहन व तिलहन की फसल लगाने वाले किसान को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना दक्षिण हरियाणा के सात जिले भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ, रेवाड़ी, झज्जर, हिसार तथा नूंह में खरीफ 2022 के दौरान लागू की गई है। इसके लिए किसानों को पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ( meri fasal mera byora portal ) पंजीकरण करवाना होगा और सत्यापन उपरान्त सहायता राशि उनके खातों में स्थानांतरण कर दी जाएगी। डा. बलवंत सहारण का कहना है कि दाल वाली फसलें मृदा के स्वास्थ्य को अच्छा बनाती हैं और हवा की नाइट्रोजन को जमीन में जमा कर देती है, इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। उन्होंने बताया कि इन फसलों के उगाने से किसानों को खेत में नाइट्रोजन फर्टिलाइजर की कम मात्रा की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा तिलहन वाली फसलों को बढ़ावा देने से देश में खाद्य तेल की कमी को भी पूरा किया जा सकेगा।

अनुदान के लिए 30 जून तक आवेदन करें देसी कपास उत्पादक किसान

देसी कपास का अनुदान प्राप्त करने के लिए किसान तीस जून तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर दें। इसके बाद उन्हें और अवसर नहीं मिलेगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. बलवंत सहारण ने बताया कि सरकार ने देसी कपास की बिजाई करने वाले किसानों को तीन हजार रूपये प्रति एकड़ अनुदान देने की घोषणा की थी। अब लगभग जिला के सभी किसान कपास की बिजाई कर चुके हैं। इसलिए जिन किसानों ने अपने खेतों मेें देसी कपास बोई है, वे यह अनुदान लेने के हकदार हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर किसान 30 जनू तक यह अनुदान लेने के लिए आवेदन कर दें। उनके खेत का मुआयना करने के बाद अनुदान की राशि सीधे किसानों के खातों में भिजवा दी जाएगी। तीस जून के बाद अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।

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