बहादुरगढ़ शहर की गलियों में कुत्तों की दहशत, लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर

हरिभूमि न्यूज.बहादुरगढ़
शहर के विभिन्न मोहल्लों में लावारिस कुत्तों का उत्पात इस कदर बढ़ गया कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। कई मोहल्लों में ये कुत्ते छोटे बच्चों को काट कर घायल कर चुके हैं। इसके बाद भी नगर परिषद ने इन कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने की कोई पहल नहीं की है। हालांकि दो साल में कुत्तों की नसबंदी पर 23 लाख रुपए से अधिक खर्चने की जानकारी एक आरटीआई में दी गई है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों से मॉडल टाउन, जटवाड़ा मौहल्ला सहित अन्य कॉलोनियों में रहने वाले लोग खासे दहशत में हैं।
दरअसल, शहर की शायद ही कोई ऐसी कॉलोनी या सड़क होगी, जिसमें बेसहारा कुत्ते झुंड में घूमते हुए दिखाई न देते हों। आवारा कुत्तों के हमले के भय से छोटे बच्चों का बाहर खेलना भी बंद हो गया है। बीते कुछ दिनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों में आए दिन आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रही हैं। लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ जाने से शहर के लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है। शहर के मॉडल टाउन निवासी अंजलि गुप्ता का कहना है कि गलियों में कुत्तों की संख्या बढ़ जाने से उन्हें हर समय घर के दरवाजे बंद रखने पड़ रहे हैं। इन दिनों कुत्तों की अचानक भीड़ टूट पड़ने से बच्चों का भी घर के बाहर खेलना और घूमना बंद हो गया है। पार्षद सचिन दलाल का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का निदान करने के लिए कई बार नगर परिषद को सुझाव दिया गया है, पर अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं होने से लोगों में आवारा कुत्तों का भय दूर नहीं हो रहा है। आवारा कुत्तों के काटे जाने पर मरीज की सुरक्षा के उपाय नहीं किए जाने से उसके लिए खतरे का अंदेशा बना रहता है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला भी मानते हैं कि लावारिस कुत्तों के उत्पात से लोगों की परेशानी के संबंध में आए दिन शिकायतें मिल रही हैं। इस संबंध में नगर परिषद की आगामी बैठक में भी प्रस्ताव रखा जाएगा। जिसमें पूरे शहर में आवारा कुत्तों से नागरिकों को भयमुक्त रखने की व्यवस्था करने पर चर्चा की जाएगी।
© Copyright 2025 : Haribhoomi All Rights Reserved. Powered by BLINK CMS
-
Home
-
Menu
© Copyright 2025: Haribhoomi All Rights Reserved. Powered by BLINK CMS