IAS पूजा सिंघल के 20 ठिकानों पर ED की छापेमारी, हेमंत सोरेन के करीबी अमित अग्रवाल के यहां भी छापा

IAS पूजा सिंघल के 20 ठिकानों पर ED की छापेमारी, हेमंत सोरेन के करीबी अमित अग्रवाल के यहां भी छापा
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बिहार के बाद झारखंड में भी ईडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मनरेगा घोटाले को लेकर ईडी आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है

बिहार के बाद झारखंड में भी ईडी (ED) अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मनरेगा घोटाले (Mgnrega Scam) को लेकर ईडी आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल (IAS officer Pooja Singhal) के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। रांची (Ranchi) के अलावा बिहार(Bihar) के मुजफ्फपुर समेत 20 से अधिक ठिकानों पर ED की कार्रवाई कर रही है। आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल उद्योग (Industry) एवं खनन विभाग (Mining Department) की सचिव हैं। इनपर अवैध खनन का भी आरोप है।

झांरखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के ठिकानों पर अवैध खनन (Illegal mining) समेत कई मामले में शुक्रवार 7 बजे से ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू की है। सूत्रों की माने तो यह कार्रवाई दिल्ली—एनसीआर(Delhi-NCR), हरियाणा(Haryana) के फरीदाबाद एवं गुरुग्राम, झारखंड(Jharkhand) के रांची, खूंटी, राजस्थान(Rajasthan) के जयपुर, वेस्ट बंगाल(West Bengal) के कोलकाता, बिहार के मुजफ्फरपुर आदि में की जा रही है। साथ ही आइएएस अधिकारी(IAS Officers) पूजा सिंघल के सरकारी आवास पर भी छापेमारी की जानकारी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कारोबारी अमित अग्रवाल (Businessman Amit Agarwal) के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। कारोबारी अमित को सीएम हेमंत सोरेन का करीबी माना जाता है।

डा. निशिकांत दुबे ने भी ट्वीट कर दी जानकारी

गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे (MP Dr. Nishikant Dubey) ने भी शुक्रवार सुबह ट्वीट(Twit) कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने आरोप लगाए है कि आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल सीएम, उनके भाई, गुर्गों आदि को कौड़ी के भाव में खनन(Mining) आवंटित किया गया था। उधर, झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) में ईडी ने मनरेगा घोटाले के एक मामले में दायर किए शपथ पत्र कोर्ट को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपये के घोटाले के वक्त भी ये वहां तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल (Deputy Commissioner Pooja Singhal) थी। हालांकि, इस मामले में जूनियर इंजिनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। ED को दिए गए बयान में स्वीकार किया था कि कमीशन की राशि उपायुक्त दफ्तर तक जाती है।

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