Chai Pe Charcha : मेरी मानो, दो ही पार्टिंया हैं मैदान में, बाकी तो वोट काटने वाले हैं, इनकी सरकार बनना असंभव है

Chai Pe Charcha : मेरी मानो, दो ही पार्टिंया हैं मैदान में, बाकी तो वोट काटने वाले हैं, इनकी सरकार बनना असंभव है
X
आज कल शहर में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। जब भी किसी व्यक्ति को अपने काम से कुछ समय मिलता है और कहीं ठिकाने पर बैठ कर चाय की चुस्कियां लेने का मौका होता है

भोपाल। आज कल शहर में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। जब भी किसी व्यक्ति को अपने काम से कुछ समय मिलता है और कहीं ठिकाने पर बैठ कर चाय की चुस्कियां लेने का मौका होता है, तो सबसे बड़ी चर्चा का विषय बस चुनाव ही होता है। ऐसी ही एक चर्चा शहर के भानपुर इलाके की एक चाय की दुकान पर जारी रही। दुकान संचालक राजा भाई तो अपने काम में व्यस्त दिखे, लेकिन चाय की चुस्कियां लेने वाले बस चुनाव और जीत-हार में इतने गंभीर दिखाई दिए कि उनके गिलास की चाय कब खत्म हो गई, उन्हें ही पता नहीं लगा। इस पूरे माहौल के बीच चर्चा में प्रमुख रुप से शामिल राकेश रायकवार का कहना था कि मेरी मानो, अब दो ही राजनैतिक पार्टियां मैदान में हैं।

इनमें पहली भाजपा और दूसरी कांग्रेस है। बाकी की ज्यादातर पार्टियां तो इनके वोट काटने वाली हैं, उनकी इकतरफा सरकार बनना असंभव सा लगता है। इस बीच दूसरे चर्चारत राजू भाई ने कहा कि यह ठीक है कि दो ही राज नैतिक पार्टिंयां हैं, लेकिन इनमें भी अब एक ही पार्टी ज्यादा प्रभाव में दिख रही। मुझे तो पूरी उम्मीद है कि सरकार फिर से वहीं बनेगी। भले ही वह हजार, पांच सौ वोट से ही आगे रहे, लेकिन सरकार तो बनेगी।

ऐसे में एक तीसरे व्यक्ति राजा भाई जो दुकान के संचालक भी हैं, ने कहा कि भाई सरकार तो किसी की बने, लेकिन गैस सिलेंडर, स्कूल की फीस, राशन पानी, बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं और चीजें सस्ती करने वाली होना चाहिए। युवाओं को रोजगार मिले, या अपना रोजगार शुरू करें, सरकार उनको सहारा देने वाली हो। अभी तक तो कोरोना के कारण हाल बेहाल थे, अब जरूर राहत मिलने लगी है। अब महिलाओं को अब हर महीने जहां खाते के मैसेज का इंतजार रहता है, वहीं युवाओं को नई भर्ती की खबर सबसे ज्यादा असर करती है।

Tags

Next Story