Pulwama Terror Attack: जब भारत ने खोए अपने 40 CRPF के जांबाज जवान, पढ़िए पूरा किस्सा

Pulwama Terror Attack: 14 फरवरी साल 2019 जब हमारे देश की आम जनता वैलेंटाइन डे (Valentines Day) सेलिब्रेट करने में व्यस्त थी, तभी अचानक हुए हादसे ने देश के बच्चे- बच्चे को हिला कर रख दिया, घटना थी जम्मू और कश्मीर के जिले में 40 सीआरपीएफ के जवानों के आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) में शहीद होनें की। आज इस घटना को पूरे तीन साल बीत (3 Years Of Pulwama Attack) चुकें हैं, भारत इस हमलें में शहीद हुए जवानों का प्रतिशोध भी ले चुका है, लेकिन फिर भी ये वो काला दिन (Black Day) है जिसकी दुखद याद हर भारतवासी के दिल से मिटाए नहीं मिटती है।
I pay homage to all those martyred in Pulwama on this day in 2019 and recall their outstanding service to our nation. Their bravery and supreme sacrifice motivates every Indian to work towards a strong and prosperous country.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2022
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस अप्रिय घटना में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ के जांबाज जवानों (40 CRPF Braveheart) को याद करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "मैं 2019 में आज के दिन पुलवामा में शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं और हमारे देश के लिए उनकी उत्कृष्ट सेवा को याद करता हूं। उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को एक मजबूत और समृद्ध देश की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है।"
क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 के दिन
14 फरवरी, 2019 को पुलवामा (Pulwama) में पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के चालीस जवान शहीद (40 CRPF Jawan Martyred) हो गए थे। जम्मू से श्रीनगर के लिए 2,500 से अधिक सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (Central Reserve Police Force) के जवानों को ले जाने वाले 78 वाहनों का काफिला नेशनल हाईवे 44 (National Highway 44) से गुजर रहा था। इसी दौरान आतंकियों ने अपने इस हमले को अंजाम दिया। दोपहर करीबन 3 बजकर 15 मिनट पर विस्फोटकों से लैस एक कार सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों से भरी एक बस से जा टकराई। इससे एक भयानक विस्फोट हुआ जिसमें 76वीं बटालियन के सीआरपीएफ के 40 जवानों (40 CRPF Personnel of 76th Battalion) की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस भयानक विस्फोट की आवाज काफी दूरी पर स्थित लोगों के घरों में भी सुनाई दी थी।
किसने बनाया था हमले का मास्टर प्लान
पाकिस्तान में स्थित एक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) या जैश ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। घटना के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमलावर आतंकी आदिल अहमद डार (Adil Ahmad Dar) का एक वीडियो भी जारी किया। आदिल अहमद डार जम्मू-कश्मीर के काकापोरा का एक 22 वर्षीय लड़का था जो हमले के एक साल पहले ही संगठन में शामिल हुआ था।
कैसे भारत ने दिया जवाब
इस हमले के बाद पूरे देश में बदले की आग भड़क गई। देश की आर्मी के वीर जवानों से लेकर आम भारतीय तक सभी का खून खौल रहा था। हर ओर से इस हमले में शहीद हुए जवानों के बलिदान के बदले की मांग उठने लगी। जिसके बाद भारत ने 26 फरवरी, 2019 को एक जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप के खिलाफ आतंकवाद-रोधी हवाई हमला शुरू किया। तड़के, इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) के जेट्स ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर बमबारी की। इसने बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया, कथित तौर पर 300 से 350 के बीच आतंकवादी इस हमले में मारे गए थे।
पाकिस्तान की नाकाम कोशिश
जिस दिन भारत ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक (Balakot Airstrike) की उसके अगले दिन, 27 फरवरी को, पाकिस्तान वायु सेना (Pakistan Air Force) ने भारत के बालाकोट हवाई हमले के जवाब में जम्मू-कश्मीर में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, इंडियन एयरफोर्स ने हमले को नाकाम कर दिया था। डॉग फाइट के दौरान भारत के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing Commander Abhinandan Varthaman) ने अपने मिग-21 बाइसन के जरिए एक पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया। लेकिन, उनका मिग 21 बाइसन जेट हवाई युद्ध के दौरान मारा गया था, जिसके बाद विंग कमांडर वर्धमान को पाकिस्तान द्वारा पकड़ लिया गया था। इसके बाद उन्हें 1 मार्च को रिहा किया गया। साल 2021 में, विंग कमांडर अभिनंदन को भारत के तीसरे सबसे बड़े वॉर टाइम गैलेंट्री मेडल वीर चक्र (Veer Chakra) से सम्मानित किया गया।
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