मायावती के बयान पर योगी के मंत्री ने दिया ऐसा जवाब, योगी सरकार के गिनाये काम
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 'मायावती देश की वरिष्ठ नेता है, इस तरह के बयान देने से पहले उनको सरकार के कामों का विशलेषण करना चाहिए। इस तरह के बयानों से ही बसपा के जनाधार में कमी आई है'।;
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार को फ्रंटलाइन वर्करों के लिए अहम कदम उठाने की नसीहत दी। इस पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हेल्थ वर्करों को योगी सरकार में जो सुविधाएं दी जा रही है, वह अभी तक किसी भी सरकार में नहीं दी गई है। उन्होंने बसपा नेता के हेल्थ के बयान को बेबुनियाद और तथ्यों से परे बताया है। खन्ना यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती एक वरिष्ठ राजनेता हैं। उन्हें इस तरह का बयान देने से पहले सरकार द्वारा हेल्थ वर्करों के लिए किए गए कार्यों की जानकारी लेनी चाहिए थी। सरकार ने हेल्थ वर्करों के लिए सुरक्षा और सुविधा के सभी इंतजाम के साथ जोखिम को देखते हुए मुआवज़े का भी प्रावधान किया है। सरकार की ओर से कोविड अस्पतालों में तैनात डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड सेवा दिवसों के लिए अतिरिक्त 25 फीसदी राशि दिए जाने का प्राविधान किया गया है। साथ ही उनको हर तरह की सुविधाएं देने का काम सरकार कर रही है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टॉफ का वैक्सीनेशन प्राथमिकता के आधार पर करा रही है। अभी हाल में ही एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को कोविड डयूटी के लिए मानदेय दिए जाने का फैसला योगी सरकार ने लिया है। इसके साथ ही अस्पतालों में सेवारत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कोविड सेवा के दिवसों के लिए 25 प्रतिशत ज्यादा राशि दी जा रही है।
इस मौके पर खन्ना ने कहा कि सीएम योगी की तरफ से फ्रंटलाइन में कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 'मायावती देश की वरिष्ठ नेता है, इस तरह के बयान देने से पहले उनको सरकार के कामों का विशलेषण करना चाहिए। इस तरह के बयानों से ही बसपा के जनाधार में कमी आई है'। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की तरह कम से कम उनको इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए नहीं तो जनता का सपा की तरह उन पर से भी भरोसा उठ जाएगा।