RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन बोले भारत की इकनॉमी और हो सकती है बदतर, सरकार बढ़ाए राहत पैकेज
आरबीआई के पूर्व गवर्नर का कहना है, केंद्र की मोदी सरकार ने अब तक जो राहत दी है, वह काफी नहीं है। मोदी सरकार भविष्य में प्रोत्साहन पैकेज देने के लिए आज संसाधनों को बचाने की रणनीति पर चल रही है जो आत्मघाती है।;
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आज देश में जीडीपी में ऐतिहासिक गिरावट पर प्रतिक्रिया दी है। रघुराम राजन का कहना है जीडीपी के आंकड़ों से सभी को अलर्ट हो जाना चाहिए। क्योकि, देश की इकॉनमी की हालत और भी बदतर हो सकती है। ऐसे में सरकार को राहत पैकेज को बढ़ाना चाहिए। पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपने लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में लिखा है।
जिसमें उन्होंने लिखा, जब इनफॉर्मल सेक्टर के आंकड़े जोड़े जाएंगे तो इकॉनमी में 23.9 फीसदी (प्रतिशत) की गिरावट और बदतर हो सकती है। भारत में अर्थव्यवस्था को अमेरिका और इटली से भी ज्यादा नुकसान हुआ है। जबकि, अमेरिका और ब्राजील कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित रहे। भारत में जब तक कोरोना वायरस पर काबू नहीं पाया जाता है तब तक देश में विवेकाधीन खर्च की स्थिति कमजोर बनी रहेगी।
आरबीआई के पूर्व गवर्नर का कहना है, केंद्र की मोदी सरकार ने अब तक जो राहत दी है, वह काफी नहीं है। मोदी सरकार भविष्य में प्रोत्साहन पैकेज देने के लिए आज संसाधनों को बचाने की रणनीति पर चल रही है जो आत्मघाती है। सरकारी अधिकारी सोच रहे हैं कि वायरस पर काबू पाए जाने के बाद राहत पैकेज देंगे, वे स्थिति की गंभीरता को कमतर आंक रहे हैं। तब तक भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हो जाएगा।