Maharashtra Politics: शिंदे पर पवार पड़ेंगे भारी! वित्त, सिंचाई समेत इन मंत्रालयों की मांग
महाराष्ट्र (Maharashtra) में सियासी घमासान जारी है। इस कड़ी में अजित पवार (Ajit Pawar) ने सरकार में शामिल होते ही प्रदेश सरकार से वित्त, सिंचाई और ऊर्जा मंत्रालय की मांग की है। दूसरी तरफ शिंदे सरकार (Shinde Government) वित्त विभाग (Finance Department) अपने पास रखने पर अड़ी हुई है।;
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मराठा क्षत्रप कहे जाने वाले शरद पवार (Sharad Pawar) की पार्टी एनसीपी (NCP) दो फाड़ हो चुकी है। उसका बड़ा हिस्सा टूटकर एनडीए के साथ जा चुका है। शरद के भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) अब नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी छोड़कर अब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनके साथ एनसीपी के 9 विधायकों ने भी शपथ ली है। अब मंत्रालयों का बंटवारा होना बाकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) से अपनी पार्टी के कोटे के लिए वित्त (Finance), सिंचाई (Irrigation) और ऊर्जा (Power) मंत्रालय की मांग की है। फिलहाल इनके बंटवारे को लेकर एनडीए के अंदर जंग छिड़ी हुई है। शिंदे गुट वित्त मंत्रालय अपने पास रखना चाहता है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना पर अजित पवार की एनसीपी कितना दम दिखाती है।
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सरकार के पास 190 विधायकों का समर्थन प्राप्त
बता दें कि भाजपा (BJP), शिवसेना (Shivsena), अजित गुट की एनसीपी (NCP) और अन्य दलों ने मिलकर महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) बनाया है। इस गठबंधन के पास बीजेपी के 106, शिवसेना के 40, अजित पवार के 24, बहुजन विकास अघाड़ी के 3, प्रहर जनशक्ति पार्टी के 2, निर्दलीय 13 और राष्ट्रीय समाज पार्टी और जनसुराज शक्ति पार्टी के 1-1 विधायक हैं। यानी 288 सीटों वाले सदन में एनडीए सरकार के पास 190 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
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