शिवसेना नेता संजय राउत बोले- राज्यपाल के लिए कैबिनेट की सिफारिशों को स्वीकार करना अनिवार्य

संजय राउत ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अध्ययन करते हैं।;

Update: 2021-12-27 10:19 GMT

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना सांसद (Shiv Sena MP) संजय राउत (Sanjay Raut) ने सोमवार को कहा है कि राज्यपाल के लिए राज्य मंत्रिमंडल (State Cabinet) की सिफारिशों को स्वीकार करना अनिवार्य है। महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और विधानसभा के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए उनकी मंजूरी मांगी। 

संजय राउत ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अध्ययन करते हैं। लोकतंत्र में इतना अध्ययन ठीक नहीं है। लोगों की आवाज को सुनना मायने रखता है। राज्यपाल के लिए कैबिनेट की सिफारिशों को स्वीकार करना अनिवार्य है। 

बता दें की शिवसेना के महाराष्ट्र के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, कांग्रेस के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट और एनसीपी के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की थी। राज्यपाल से मुलाकात के बाद बालासाहेब थोराट ने कहा कि उन्होंने कोश्यारी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लिखित एक पत्र सौंपा। पत्र में स्पीकर पद के लिए चुनाव कार्यक्रम के लिए उनकी मंजूरी मांगी गई।

राज्यपाल ने मतपत्र के बजाय ध्वनि मत के माध्यम से चुनाव कराने के बारे में विधायी नियमों में संशोधन का विवरण मांगा है। उन्होंने कहा कि वह चर्चा करेंगे और कानूनी विशेषज्ञों से और जानकारी लेंगे और कल तक अपने फैसले से अवगत कराएंगे। वहीं शिंदे ने कहा कि अध्यक्ष का चुनाव कराने की प्रक्रिया में नियमानुसार बदलाव किया गया है और उन्हें विश्वास है कि राज्यपाल जल्द ही अपनी मंजूरी दे देंगे।

राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात के बाद थोराट और शिंदे ने बीते रविवार को यह भी कहा था कि राज्यपाल ने न तो विधानसभा में (पिछले मानसून सत्र के दौरान) 12 भाजपा विधायकों के निलंबन के मुद्दे पर चर्चा की और न ही राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के लिए 12 सदस्यों के लंबे समय से लंबित नामांकन के बारे में बात की। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर से शुरू हुआ था और यह 28 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। साथ ही बताते चलें, नाना पटोले के राज्य कांग्रेस प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के लिए इस्तीफा देने के बाद से इस साल फरवरी से विधानसभा अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है।

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